Thursday, 1 June 2017

मेरी पहचान हो तुम ..

क्या
अलग हो सकती है
सूरज से रोशनी उसकी ?

क्या
अलग हो सकते हैं
सितारे आसमान से ?

क्या अलग कर सका है कोई
हवाओं से हुनर उनका ?

शायद नहीं।

पर मैं,,,..ना सूरज हूँ
ना आसमान ना हवा कोई

पर सूरज का रोशनी से
हवाओं का गति से
और आसमान का सितारों से
वही संबंध हैं
जो शरीर का उसके नाम से है

तुमसे अलग होना
अपनी पहचान को
खुद से अलग कर देना है मेरे दोस्त