Sunday, 28 May 2017

ये जो दुनियां है..

ये जो दुनियां है
दिखावे की एक दुनिया है

हर एक चीज़
नुमाइश लिए रखी है

हर एक चीज़ की कीमत
लगाई जाती है

हर एक ख़्वाब की कीमत
चुकाई जाती है

पर इस दुनियां से इतर
तुम मेरी एक दुनियां हो

कोई हक़ तो नही है
कि तुमसे माँगू कुछ

पर अगर हो सके
तो आंखों मे बसाना मुझको

लाख कोशिश करे कोई
न दिखाना मुझको

छुपा के रखना
तशहीर न बनाना मुझको

प्यार हूँ इसकी कीमत न लगाना कोई ...

No comments: